तुम्हारी दुनिया!

यह वो दुनिया है, जहाँ तुम्हें जाना है
अब वही तुम्हारा सुंदर ठिकाना है
देखो कितनी विशाल, सुशोभित है
अनेक विशेषताओं से सुसज्जित है
यहाँ अनेकों प्रकार के फल-फूल,
जीव- जंतु, पंछी और मानव मिलेंगे
जो तुम्हें दुलार, प्रसन्नता से भर देंगे
तुम सबसे व्यवहार कुशल होना
न अपना क्षिण भर भी धीरज खोना
वहाँ सारे तुम्हारे नहीं हैं
पर तुमको सबका होना है
कोई कैसे भी बीज बोए
पर तुमको प्रेम का बीज बोना है
तुम्हें अपनी प्रकति का ख्याल रखना है
जीव-जंतु, पंछियों का ख्याल रखना है
मनुष्यों का भी तुम्हें ही ख्याल रखना है
तुम्हें आज मैं एक विशेष बात बताता हूँ।
और साथ ही साथ तुमको दिखलाता हूँ।
ये देखो जल, थल और नभ को
प्रत्येक विभिन्न प्रकार के जीवन को
सबका अपना अलग प्रवास स्थान
सबका अपना अलग है भोजन
सब यहाँ एक दूसरे भिन्न हैं
यहाँ सबके उद्देश्य भिन्न हैं
उधर देखो एक बड़ा शहर बसा हुआ है
रात है फ़िरभी उजाला से भरा हुआ है
पूरी दुनिया में मनुष्यों का एक बड़ा समाज रहता है
कहीं विकासशील, कहीं विकसित समाज रहता है
यहाँ जाकर तुम सबको समझ जाओगे
तुम धीरे-धीरे यहाँ सब कुछ जानोगे
चलो अब तुम्हें मनुष्यों के विषय में बताता हूँ
ये मुझे अपना मानते है और मै भी इनको अपना पाता हूँ
ये सब मेरा किसी न किसी रूप में भजन करते हैं
अपना समय और श्रद्धाभाव अर्पण करते हैं
अब जो आगे मैं तुमको बताऊँ
उससे तुम परेशान मत होना
यहाँ चलता रहता है पाना और खोना
जो साथ देते हैं वो छोड़ भी सकते हैं
तुमसे अपना वास्ता वो तोड़ भी सकते हैं
वादों, कसमों का तो क्या कहना
इसमें कभी भी तुम मत फँसना
हर मनुष्य अपने जीवन का अधिकारी है
मिथ्या, कपट, छल का वो श्रेष्ठ व्यापारी है
उसे स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है
बस उसके लिए इतना पर्याप्त है
अहं और अहंकार यह गुणों के मानक हैं
अस्थिर-अस्तित्व जीवन के परिचालक हैं
भाव शून्य लिए इनका जीवन त्रुटिपूर्ण हैं
फ़िरभी अनेक विशेषताओं से परिपूर्ण हैं
यह खुशी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं
किन्तु अतीत में किये गए परिणाम भी मिलते हैं
यहाँ देखो कुछ मनुष्य गरीबों के लिए समर्पित है
प्रसन्नता के साथ उनकें लिए भोजन अर्पित है
यह वचनों का मोल समझते हैं
जीवन को अनमोल समझते हैं
इनकी छाया में जीवन को सुख मिलता है
प्रसन्नता और संतोष का कारण मिलता है
इनका भी अपने जीवन पर अधिकार होता है
किन्तु इन मनुष्यों में सदा ही शिष्टाचार होता है
इन्हें भी स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है
किन्तु इनमें इंसानियत भी व्याप्त है
यह सभी गुणों से उच्च है
लोग समझते नहीं इनकों कुछ है
फिर भी लोगों की परवाह करके
ये बेपरवाही से जीवन जीते हैं
और सुख प्राप्त करते हुए
जीवन का सुख से त्याग करते हैं
विभिन्न प्रकति, विभिन्न गुणों
विभिन्न चरित्र, विभिन्न रूपों
के मनुष्यों से तुम्हारा सामना होगा
तुम्हें इन्हीं के साथ रहना होगा
कुछ उच्च हैं, ज्ञानी है
कुछ तुच्छ हैं,अज्ञानी है
कुछ छल है, कुछ निश्छलता को प्राप्त है
इस धरा में हर तरह के लोग व्याप्त है
तुम्हारा जीवन इनके बीच में गुजरेगा
हरपल जीवन ऐसे मनुष्यों से घिरा रहेगा
तुमकों इन्हें समझना है
थोड़ा मुश्किल यह अवश्य होगा
किन्तु कुछ भी नहीं सरल होगा
तुम्हारा हर कदम दूरी को मिटाएगा
तुम जहाँ जाना चाहते हो तुमको ले जाएगा
धैर्य, संयम और साहस ये असली जीवन के मानक हैं
बुद्धिमत्ता का सदुपयोग करना ही यहाँ सहायक है
जीवन को अनमोल समझोगे
जीवन भर सुख प्राप्त होगा
असंयमता को जीवन में लाओगे
तो स्थिरता को कभी नहीं पाओगे
चुनना तुम्हें है खुद को कैसा बनाना है
वास्तिवकता के साथ जीना है
या कल्पनाओं को हमसफर बनाना है।
जीवन तुम्हारा है फैसला तुम्हारा होगा
अधिकार भी तुम्हारा है कि इसे कैसे बिताना होगा?

Published by Kirti Dixit

I am human being like you!

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